अरुणाचल सीमा के पास चीन की बड़ी चाल, सिचुआन में गुप्त परमाणु अड्डे को किया अपग्रेड, भारत की बढ़ी चिंता

चीन ने अरुणाचल प्रदेश से सटे इलाके में अपने परमाणु फैसिलिटी को अपग्रेड किया है। इस फैसिलिटी में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य को देखा गया है, जो इसकी क्षमता में वृद्धि का संकेत है। चीन तेजी से परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा है। इससे भारत की परेशानी बढ़ने की आशंका है।

बीजिंग: चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा के नजदीक अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसका खुलासा रविवार को प्रकाशित द न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट से हुआ है। इसमें सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण कर बताया गया है कि दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में चीन के न्यूक्लियर हथियार प्रोग्राम का तेजी से विस्तार हो रहा है। इमेजरी से पता चलता है कि अरुणाचल प्रदेश से लगभग 800 किलोमीटर दूर कई न्यूक्लियर-लिंक्ड साइट्स पर लगातार कंस्ट्रक्शन और मॉडर्नाइजेशन का काम किया जा रहा है। इससे भविष्य में भारत की चिंता बढ़ने की आशंका है, क्योंकि चीन अरुणाचल प्रदेश पर अधिकार का दावा करता है।

तेजी से परमाणु हथियार बना रहा चीन
अपने परमाणु हथियारों के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। पिछले 10 वर्षों में चीन परमाणु हथियारों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। अनुमान के मुताबिक, 2026 की शुरुआत तक चीन के परमाणु वॉरहेड्स की संख्या लगभग 600 होगी, जो सिर्फ रूस और अमेरिका से पीछे है। रूस के पास लगभग 5,400 वॉरहेड्स हैं और अमेरिका के पास 5,100 से 5,200 के बीच वारहेड्स हैं। पेंटागन का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक चीन के पास 1000 से अधिक परमाणु वारहेड्स होंगे।

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