तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK ने चुनाव आयोग द्वारा राज्य में की जा रही मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया में उचित पारदर्शिता और पर्याप्त समयसीमा नहीं है, जिससे लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के अधिकार का उल्लंघन होगा।
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने चुनाव आयोग द्वारा राज्य में शुरू किए गए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। डीएमके का दावा है कि SIR के जरिए लाखों लोगों का नाम वोटर लिस्ट से काटा जा सकता है।
